लगा था समस्या बताने की लाइन में, नंबर आने से पहले मौत का काल ले उड़ा: कॉलेप्स सिस्टम

केंद्र की उज्ज्वला योजना का सिलेंडर ट्रांसफर कराने बदरवास से कलेक्ट्रेट आया था बादल
शिवपुरी। कलेक्ट्रेट में मंगलवार की दोपहर उस समय सनाका खिंच गया, जब यह पता चला कि एक शिकायतकर्ता ने कलेक्ट्रेट की पटिया पर दम तोड़ दिया। मृतक बदरवास से शिवपुरी कलेक्टर से उज्ज्वला योजना का सिलेंडर ट्रांसफर कराने का आवेदन लेकर आया था। साहब से मिलने का टोकन लेने का इंतजार करने के दौरान ही वो मौत की आगोश में सो गया।
बारिश रुकने के बाद हो रही उमस भरी गर्मी के बीच कलेक्ट्रेट में आ रही सैकड़ों की भीड़ में कई बार उम्रदराज शिकायतकर्ताओं की तबीयत बिगड़ जाती है। यदि विकासखंड स्तर पर ही लोगों की समस्या सुनी जा रही होतीं तो शायद पहले से बीमार बादल यादव को बदरवास से शिवपुरी नहीं आना पड़ता। एसडीएम अपने अनुभाग का प्रशासनिक मुखिया होता है, तो फिर वो इन समस्याओं का अपने क्षेत्र में ही निराकरण क्यों नहीं कर रहा?, क्यों लोगों को 110 किमी दूर से अपनी समस्याओं का आवेदन लेकर शिवपुरी आना पड़ रहा है?। शिवपुरी के जिला मुख्यालय पर ही इतनी समस्याएं हैं कि जिलाधीश उन्हें सुलझाएं या फिर खनियाधाना की शिकायतों का निराकरण करें।
अब कैसे कह दें कि नहीं हो रही सुनवाई..!
जब जिलाधीश नवागत थे, तब क्षेत्रीय सांसद के कोलारस में आयोजित कार्यक्रम में आईं शिकायतों को इकठ्ठा करते समय माइक पर कहा था कि महाराज साहब के सामने ही आप अपना आवेदन दे दें। उस दौरान भी शिकायतों से एक बड़ा थैला भर गया था। शिवपुरी के हुए कार्यक्रम के दौरान भी अच्छी खासी शिकायतें आई थी, हर सप्ताह जनसुनवाई में परेशान लोगों की भीड़ दूर दराज से आती है। आखिर प्रशासनिक सिस्टम में कहा खामी है, जिसके चलते शिकायतें कम नहीं हो रहीं। 181 पर होने वाली शिकायतों का आंकड़ा भी कम नहीं है।




















