नरवर किले में पसरदेवी मंदिर के पीछे सुरंग खोदने की फिर तैयारी, पुजारी ने की शिकायत

जिन पत्थरों से बंद की थी सुरंग, उन्हें हटाकर मिट्टी ढोने के लिए लाए गए कट्टे भी मिले
शिवपुरी। नरवर किले पर मौजूद पसर देवी मंदिर के पीछे से खोदी जा रही सुरंग को फिर से खोदने की तैयारी दफीनाखोरों ने शुरू के दी। सोमवार को मंदिर के पुजारी ने जब बंद की गई सुरंग के पत्थर हटे हुए देखे तो आशंका होने पर जब सुरंग के अंदर देखा तो उसमें मिट्टी भरकर फेंकने के लिए लाए गए प्लास्टिक के 4 कट्टे भी उसके अंदर मिले।
गौरतलब है कि शिवपुरी जिले के ऐतिहासिक नरवर किले से चोरी गई तोप का पता अभी तक नहीं चल पाया है। इससे पूर्व बीते 10 अप्रैल को किले पर स्थित पसरदेवी मंदिर के पीछे खोदी गई लगभग 20 फीट गहरी सुरंग का पता चलने पर उसे मंदिर के पुजारी नितिन भार्गव ने बंद करवाया था। उस दौरान खुदाई का सामान भी मिला था। तत्समय सुरंग में मिट्टी एवं बड़े पत्थर लगाकर उसे बंद कर दिया था।
मंदिर के पुजारी नितिन भार्गव ने बताया कि सोमवार की सुबह जब मंदिर के पीछे जाकर देखा तो जिस जगह सुरंग को बंद किया था, उसके पत्थर अलग पड़े हुए थे। पुजारी ने जब सुरंग के अंदर जाकर देखा तो उसमें चार कट्टे तथा ताजी खोदी गई मिट्टी के निशान भी मिले। इन कट्टों को जब गूगल पर सर्च किया, तो यह इंदौर के सियागंज मार्केट के कपड़ों की पैकिंग करने के उपयोग में लिए जाते हैं। इन कट्टों को दफीनखोर सुरंग की मिट्टी खोदने के लिए उपयोग कर रहे हैं। पुजारी नितिन भार्गव ने बिना देर किए उक्त सुरंग की पुनः खुदाई की सूचना नरवर थाना पुलिस को दी।
किले पर दफीनखोरों की आमद जारी:
नरवर किले की पसरदेवी मंदिर के पीछे फिर से सुरंग की खुदाई इस बात का प्रमाण है कि किले में दफीनखोरों की आवाजाही अभी भी जारी है। यदि अभी मंदिर के पुजारी की नजर नहीं पड़ती तो दफीनाखोर कुछ दिन तक खुदाई करके मंदिर के गर्भगृह तक पहुँच जाते।
तोप चोरी के बाद भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं:
जिले के ऐतिहासिक नरवर किले से तोप चोरी होने के बाद भी न तो पुलिस ने सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाए और न ही पुरातत्व विभाग के जिम्मेदारों ने एहतियाती कदम उठाए। यदि हालात ऐसे ही रहे तो किले में कभी भी सेंधमारी हो सकती है।






















