जहां हर दिन आते हैं 8-10 हजार लोग, वहां लगा गंदगी का अंबार, कैसे होंगे वार्डों के हालात?

केंद्रीय मंत्री द्वारा दी गई स्वच्छता की डेटलाइन खत्म, बस स्टेंड की कचरे से भरी नालियां नहीं हुईं साफ
शिवपुरी। बस स्टेंड पर शिवपुरी जिले के ही नहीं बल्कि उत्तरप्रदेश एवं राजस्थान के अलावा देश भर के 8 से 10 हजार लोग हर दिन आते जाते हैं। ऐसी सार्वजनिक जगह को स्थानीय प्रशासन एवं नगरपालिका साफ करना भूल गई। केंद्रीय मंत्री द्वारा दी गई डेटलाइन भी खत्म हो गई, लेकिन बस स्टेंड की कचरे व गंदगी से भरी नालियां को साफ करने कोई नहीं गया। जब बस स्टेंड जैसी भीड़भाड़ वाली जगह के यह हालात हैं तो शहर के वार्डों में सफाई अभियान कैसा चला होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
ज्ञात यही कि शिवपुरी शहर को साफ सुथरा रखने की जिम्मेदारी पिछले माह केंद्रीय मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ली थी। उन्होंने स्थानीय प्रशासन व नगरपालिका के जिम्मेदारों के साथ मिलकर बैठक करके यह निर्देश दिए थे कि 2 अक्टूबर गांधी जयंती से शहर में स्वच्छता अभियान शुरू किया जाएगा । जिसके तहत प्रत्येक वार्ड की हर गली मोहल्ले में स्वच्छता का अभियान चलाया जाएगा। उस दौरान इस आदेश को काफी बढ़ा- चढ़ाकर सिंधिया के नजदीकियों ने बताया तथा कुछ दिन तक सिंधियानिष्ठ नेताओं ने बाजार में स्वच्छता अभियान की मॉनिटरिंग भी की। शहर के वार्डों में सफाई अभियान कितना चला, यह तो वार्ड के लोग ही जानते होंगे, लेकिन बस स्टेंड जैसी सार्वजनिक जगह पर गंदगी से भरी नालियों ने इस पूरे अभियान की पोल खोलकर रख दी। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि पिछले दो माह से नालियां साफ नहीं हुईं, जिसमें आए दिन लोग गिरकर चोटिल होते रहते हैं।
पार्षदों को रखा था स्वच्छता अभियान से दूर:
शिवपुरी शहर के 39 वार्डों को साफ सुथरा करने के लिए केंद्रीय मंत्री ने जो अभियान चलाया, उसमें पार्षदों को शामिल नहीं किया था। वार्डों में स्वच्छता एवं स्ट्रीट लाइट बदलने का काम पार्षदों के कहने पर न होकर सिंधियानिष्ठ नेताओं के निर्देश पर हो रहा था। जब तक वार्ड में सफाई अभियान के लिए पार्षद शामिल नहीं होगा, तो उस वार्ड में अभियान कैसे सफल होगा..?




















