इंडियन एक्सप्रेस ने खोली भाजपा के चुनाव जीतने की पोल, मुख्य चुनाव आयुक्त हुए गायब

इंडियन एक्सप्रेस ने खोली भाजपा के चुनाव जीतने की पोल, मुख्य चुनाव आयुक्त हुए गायब
राहुल का वोट चोरी का आरोप भी निकला सही, वोटर लिस्ट में हेरफेर करके बनाते रहे सरकार
शिवपुरी से सैमुअल दास:
गोदी मीडिया के इस दौर में इंडियन एक्सप्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मीडिया में वो ताकत होती है, जो पावरफुल सरकारों को भी हिला देती है। अबकी बार इस अखबार ने चुनाव आयोग की परतें कुछ ऐसी खोलीं कि मुख्य चुनाव आयुक्त ही रफूचक्कर हो गए, क्योंकि एक खबर ने वो घोटाला खोल दिया, जिसकी दम पर भाजपा एक के बाद एक राज्यों में अपनी सरकार बनाती जा रही थी। महत्वपूर्ण बात यह है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का वोट चोरी करने का आरोप भी सही साबित हुआ।
खबर ने यह खोला भाजपा का षड्यंत्र:
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्टर रितिका चौपड़ा ने जो खबर प्रकाशित की है, उसमें यह उजागर किया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू एवं विवेक जोशी ने मतदाता सूचियों में की जा रही गड़बड़ियों के खिलाफ पिछले 10 माह में 14 बार आपत्ति दर्ज कराई, लेकिन सरकार के नुमाइंदे बन चुके मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हर बार उन आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए भाजपा को हर चुनाव जिताने के लिए मतदाता सूचियों में करोड़ों नाम कटवा कर बड़ा घोटाला किया। अब जबकि खबर प्रकाशित होने के बाद चुनाव आयोग की कलई खुल गई तो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भी रहस्यमय ढंग से गायब हो गए हैं।
भारी विरोध के बावजूद ऐसे जीतते थे चुनाव:
चुनाव आयोग के मुखिया मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भाजपा के लिए एक कार्यकर्ता की तरह काम करके लोकतंत्र की कथित हत्या कर दी। अलग-अलग प्लानिंग करके भाजपा के नेता अपने विरोधियों के नाम वोटर लिस्ट से कटवाने के साथ ही अपने समर्थकों के नाम थोक में जुड़वा देते थे। इतना ही नहीं भाजपा समर्थक फर्जी वोटरों को मतदान के दिन स्पेशल ट्रेन चलाकर उन्हें पोलिंग बूथों पर पहुंचाया जाता था, जबकि वास्तविक वोटर नाम कट जाने की वजह से वोट ही नहीं डाल पाते थे। मतदाता सूची का यह खेल उन सभी राज्यों में खेला गया, जहां पर अभी तक चुनाव हुए। हर विधानसभा सीट पर जीत का अंतर 2 से 3 हजार वोट का रहता था, तथा इसी तरह भाजपा अधिकांश सीट जीतकर चुनाव जीत जाया करती थी। अब देश की जनता को समझ आया कि जिस सरकार के तानाशाही फैसलों से हर आम आदमी परेशान है, बावजूद इसके वो चुनाव कैसे जीत रही है?, इस खबर ने उस सच्चाई को उजागर कर दिया।




















