बच्चों का भविष्य संवारने आया गांव छोड़कर, बिगड़ गई पत्नी, 2 लाख व जेवर लेकर भागी

पत्नी के भटके कदम देखकर गौशाला का मकान बेचकर वापस गया गांव, अब बच्चों के साथ लगा रहा पुलिस अफसरों के चक्कर
शिवपुरी। जिले के सुरवाया थाना अंतर्गत ग्राम मोहनगढ़ निवासी धर्मवीर गुर्जर गुरुवार को अपने तीन मासूम बच्चों को साथ लेकर एसपी ऑफिस आया। पुलिस अधीक्षक मिलीं नहीं तो शिकायत शाखां में आवेदन दिया। SD न्यूज को धर्मवीर ने अपनी जो कहानी सुनाई, वो टूटते समाजिक तानें बाने की दुखभरी दास्ताँ है।
बिची मोहनगढ़ निवासी धर्मवीर गुर्जर की शादी 2017 में गुर्जर समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में पूनम गुर्जर के साथ हुई थी। लगभग 40 बीघा जमीन पर खेती करके गांव में अच्छा वैवाहिक जीवन कट रहा था, लेकिन जब दो बेटे व एक बेटी पैदा हुए तो उनकी अच्छी पढ़ाई और बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर धर्मवीर एवं पूनम शिवपुरी शहर के गौशाला लुधावली में आकर मकान लिया। तीनों बच्चे पढ़ाई कर रहे थे, तथा धर्मवीर खेती करके अपनी पत्नी व बच्चों का भरण पोषण कर रहा था। गौशाला में ही रहने वाले जीतू गुर्जर से पूनम की नजदीकियां बढ़ी तो यह चर्चा धर्मवीर ने भी सुनी। पत्नी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब उसकी हरकतों में सुधार नहीं हुआ तो धर्मवीर ने अपना मकान साढ़े 4 लाख रुपए में बेचकर परिवार सहित गांव की ओर रुख किया।
बकौल धर्मवीर, उसकी पत्नी पूनम बीते 30 सितम्बर की रात को घर में रखे 2 लाख रुपए नगद एवं 5 तौला सोने के जेवर समेटकर जीतू के साथ भाग गई। उसने बताया कि जीतू के इस काम में उसका मौसा इन्दर गुर्जर एवं उसका दोस्त नरेंद्र लोधी सहयोगी रहे हैं। धर्मवीर ने बताया कि मुझे नरेंद्र ने धमकी दी है कि तुझे जान से मारकर फेंक देंगे। सुरवाया थाना पुलिस सुनवाई नहीं कर रही तो वो आज एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया से मिलने आया, लेकिन वो भी नहीं मिली। धर्मवीर का कहना है कि मेरे बच्चे अपनी मां को याद करके रोते हैं, मैं उन्हें यही तसल्ली दे रहा हूं कि उनकी मां आ जाएगी। उसने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उसकी पत्नी को बहला फुसलाकर ले जाने वालों के खिलाफ कार्यवाही कर उसकी पत्नी वापस दिलवाई जाए।




















