विकास के नाम पर शून्यता, कुर्सी के लिए मुंह फुलाई, मंच पर बैठने के लिए हो रही लड़ाई

विकास के नाम पर शून्यता, कुर्सी के लिए मुंह फुलाई, मंच पर बैठने के लिए हो रही लड़ाई
जिले में बन रहे अजीब हालात, नेतागिरी चमकाने वाले इस शहर व जिले को कब चमकाएंगे..?
शिवपुरी। रविवार की सुबह से सोशल मीडिया पर एक खबर व वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें नपाध्यक्ष व जनपद अध्यक्ष (दोनों महिला भाजपा नेत्री) नीचे कुर्सी पर बैठी हैं, उन्हें मंच पर बिठाने के लिए शिवपुरी विधायक उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं। उसके बाद दोनों महिला नेत्री उठकर मंच की तरफ तेज कदमों से बढ़ जाती हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में बड़ा सवाल यह है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार, दोनों नेत्री भाजपा की, कार्यक्रम भी सरकार द्वारा तय किया गया, तो फिर अपनी ही पार्टी की भाजपा नेत्रियों को मंच पर जगह क्यों नहीं दी गई। इससे तो यह जाहिर होता है कि लाडली बहना सहित महिलाओं के लिए किए जाने वाले दावे सिर्फ भाषणों और योजनाओं तक ही सीमित हैं, जबकि धरातल पर महिलाओं का कोई सम्मान इस सरकार में नहीं किया जाता।
कार्यक्रम में इस तरह की गड़बड़ी के पीछे का कारण जानने के लिए हमने मंडी के एक बाबूजी से पूछा तो वे बोले कि दोनों महिला नेत्रियां कार्यक्रम में आमंत्रित थीं। मंच पर जब अतिथियों को बुलाने के लिए नाम बोलने की प्रक्रिया शुरू की गई तो उक्त महिला नेत्रियों के नाम लास्ट में बोले गए, लेकिन तब तक मंच पर सामने वाली कुर्सियां फुल हो चुकी थीं। बस मामला यहीं से बिगड़ गया। हालांकि बाद में दोनों नेत्रियों को मंच पर एडजस्ट कर लिया गया।
विकास में शून्यता, फिर भी कुर्सी चाहिए:
शिवपुरी शहर में पिछले 3 साल में ऐसा कोई विकास कार्य गिनवा दिया जाए, जिसे वर्तमान नपा परिषद की उपलब्धि माना जाए। इसके उलट घोटालों में नगरपालिका आकंठ डूबी हुई है। भ्रष्टाचार तो प्रशासन की जांच में भी हो चुका है, तथा कुछ जांच अभी पेंडिंग चल रही हैं। नपाध्यक्ष के साथ ऐसा दूसरी बार हुआ, पिछली बार तो उनका स्वागत न किए जाने से वो नाराज होकर जल संवर्धन वाला कार्यक्रम छोड़कर ही चली गईं थीं।




















