चालू 220 केवी सिस्टम से आइसोलेटर ब्लेड चोरी का दुस्साहस सुरक्षाकर्मी की सजगता से टला

नहीं मिलते चोरी गए ब्लेड तो कई दिनों तक प्रभावित हो सकती थी बिजली सप्लाई
शिवपुरी। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के 220 केवी सबस्टेशन शिवपुरी में चालू विद्युत प्रणाली से जुड़े आइसोलेटर के दोनों ब्लेड निकालने का दुस्साहस बीती रात चोरों ने किया। आउटसोर्स सुरक्षा कर्मी सुरेंद्र कुशवाहा की सतर्कता और साहस से घटना समय रहते पकड़ में आ गई। साथ ही पुलिस की त्वरित कार्रवाई से संभावित लंबे विद्युत व्यवधान को टालने में मदद मिली।
नियमित निरीक्षण के दौरान पकड़ी घटना:
बीती रात लगभग दो बजे की घटना है, जब नियमित अंतराल के बाद यार्ड निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान सुरेंद्र कुशवाहा ने दो अज्ञात व्यक्तियों को आइसोलेटर ब्लेड निकालते देखा। उन्होंने तत्काल साहस दिखाते हुए दोनों को ललकारा। इस पर दोनों ब्लेड लेकर सब स्टेशन से बाहर कंपनी की खाली जमीन के जंगल वाले क्षेत्र में भाग गए। सुरक्षा कर्मी ने बिना देर किए अधिकारियों को सूचना दी।
त्वरित कार्रवाई से दोनों ब्लेड बरामद:
सूचना मिलने के लगभग 15 मिनट के भीतर कार्यपालन अभियंता अजीत वर्मा, सहायक अभियंता धीरेंद्र चौरसिया और सहायक लाइनमैन पूरन सिंह मौके पर पहुंच गए। डायल 112 पर सूचना के बाद पुलिस भी पहुंची। एमपी ट्रांसको के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा पुलिस ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया, जिसमें दोनों ब्लेड जंगल से बरामद कर लिए गए। इसके बाद आवश्यक सुधार कार्य तत्काल पूरा कर लिया गया।
पुनः उपलब्धता में लग सकते थे 6 महीने:
आइसोलेटर के ये ब्लेड विशेष ऑर्डर पर तैयार किए जाते हैं। इन्हें दोबारा प्राप्त करने की प्रक्रिया में कम से कम छह महीने लग सकते थे। इसके अलावा, चालू 220 केवी विद्युत प्रणाली से उपकरण निकालने का प्रयास संबंधित व्यक्तियों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता था।
क्या होते हैं आइसोलेटर?
आइसोलेटर विद्युत सब स्टेशन में उपयोग होने वाला उपकरण है, जो रखरखाव के दौरान किसी विद्युत उपकरण या सर्किट को बिजली आपूर्ति से भौतिक रूप से अलग करने के काम आता है। इसे सामान्यतः तब संचालित किया जाता है, जब संबंधित सर्किट में विद्युत प्रवाह बंद हो। इसके ब्लेड विद्युत संपर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके क्षतिग्रस्त होने या अनुपलब्ध रहने से सबस्टेशन में विद्युत संचालन और वैकल्पिक आपूर्ति की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।




















