ग्वालियर में मुरार लेदर फैक्ट्री वाले चर्च व उसकी जमीन को बेचने की तैयारी! साजिश में पास्टर भी शामिल

अभी तो ग्वालियर सहित अन्य स्थानों पर चर्च व कब्रिस्तान की जमीन बेचने वाले अल्फ्रेड कैंप कर रहे सौदा, विरोध में आएगा क्रिश्चियन समाज
शिवपुरी से सैमुअल दास:
ग्वालियर के मुरार 7 नम्बर चौराहे से सीपी कॉलोनी में पुरानी लेदर फैक्ट्री के पास अंग्रेजों के समय का पत्थरों से बना एक चर्च है। इस चर्च की आधी जमीन को क्रिश्चियन समाज का ही एक भूमाफिया बेच चुका है, अब उसकी नजर शेष बची जमीन पर है। इस चर्च की कमान पूर्व में हीरा मसीह सम्भाले हुए थे, जो खुद को बिशप कहते थे। हालांकि बाद में उनके दस्तावेज भी फर्जी पाए गए थे। हीरा मसीह का अल्फ्रेड से जीजा-साले का रिश्ता था।
बताते चले कि हीरा मसीह व उनकी पत्नी तो दुनिया छोड़ गईं, तथा उनकी बेटी का इस चर्च पर अवैधानिक रूप से कब्जा है। यहां पर रविवारीय प्रार्थना के लिए ग्वालियर के ही एक पास्टर आते हैं। सूत्र बताते हैं कि अल्फ्रेड वो उनकी भतीजी के अलावा पास्टर भी इस जमीन के सौदे में शामिल हैं। ज्ञात रहे कि पूर्व में भी अल्फ्रेड कैंप एवं उनकी भूमाफिया टीम के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। क्रिश्चियन होकर अपने ही समाज के चर्च व क़ब्रिस्तान बेचने वाली यह टीम गुना एवं अन्य स्थानों पर पहले भी जमीनों को बेचने का काम कर चुकी है। अब उसकी नजर मुरार सीपी कॉलोनी में लेदर फैक्ट्री वाले चर्च व उसकी जमीन पर है।
मुरार वाले इस चर्च की आधी जमीन बेचने की जानकारी हमें इसलिए भी है, क्योंकि जब हम लोग ग्वालियर में रहते थे, तो इसी चर्च के मेंबर थे। हमने बचपन से इस चर्च और उसके आसपास की जमीन को देखा है। चर्च के दाहिनी ओर मौजूद जमीन को बेचने के साथ ही चर्च परिसर में ही अल्फ्रेड के अवैधानिक रूप से निजी स्कूल सहित अन्य कारोबार के लिए किराए पर जगह दे रखी है, जिसका किराया भी यह भूमाफिया टीम ही वसूल के रही है। बताते हैं कि अब इस टीम ने चर्च व उसकी शेष बची जमीन का 12 करोड़ रुपए में सौदा के लिया है। हालांकि जबसे यह सूचना प्रसारित हुई है, क्रिश्चियन समाज के लोग इस खरीद फरोख्त के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। जल्द ही वो उक्त चर्च एवं उसकी जमीन को सुरक्षित करने के लिए प्रशासन को आवेदन आदि देने की तैयारी में हैं।

