अब शिवपुरी शहर में भी मिलेगी उचित दाम पर शराब, आबकारी विभाग ने की बड़ी कार्रवाई
20 प्रकरण दर्ज, नौ प्रकरण में 9.72 लाख रुपए का जुर्माना, 11 में अभी 11.56 लाख वसूलेंगे
शिवपुरी। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार आबकारी विभाग द्वारा जिले की फुटकर मदिरा दुकानों द्वारा शासन द्वारा निर्धारित नियमों की अवहेलना कर न्यूनतम विक्रय मूल्य (एमएसपी) से कम तथा अधिकतम विक्रय मूल्य (एमआरपी) से अधिक दरों पर मदिरा बेचे जाने की शिकायतों को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। आबकारी विभाग ने जिले भर में त्वरित व प्रभावी कार्रवाई करते हुए उपभोक्ताओं का शोषण करने वाली और वित्तीय अनियमितता बरतने वाली दुकानों के खिलाफ कुल 20 गंभीर प्रकरण दर्ज किए हैं।
जिला आबकारी अधिकारी शुभम दांगोड़े के नेतृत्व में आबकारी विभाग की टीमों द्वारा जिले भर की फुटकर मदिरा दुकानों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर अधिकतम विक्रय मूल्य से अधिक मूल्य पर मदिरा विक्रय के 16 प्रकरण तथा न्यूनतम विक्रय मूल्य से कम मूल्य पर विक्रय के 4 प्रकरण दर्ज किए गए। दर्ज किए गए कुल 20 प्रकरणों में से 9 प्रकरणों में लाइसेंसियों पर 9 लाख 72 हजार 168 रुपए की शास्ती अधिरोपित की जा चुकी है। वहीं शेष 11 प्रकरणों में 11 लाख 56 हजार 33 रुपए की शास्ती अधिरोपण की कार्रवाई जारी है।
जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित मूल्य पर ही मदिरा उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि निर्धारित दरों का उल्लंघन करने वाले लाइसेंसियों के विरुद्ध आगे भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
सेसई से शिवपुरी के बीच बना था रिस्की जोन:
शिवपुरी शहर में शराब ठेकेदार मनमाने रेट पर शराब की बिक्री कर रहा था, जबकि सेसई पर लगभग आधे रेट में शराब मिल रही थी। जिसके चलते हर रोज शाम को सेसई वाली दुकान पर मेला सा लगता था। उस दुकान से एकाध बोतल पर कोई विशेष निगरानी नहीं थी, लेकिन अधिक बोतल लेने वाले शिवपुरी शहर के शराब ठेकेदार के गुर्गे एवं स्थानीय पुलिस पीछा करके उसे पकड़ लेते थे। फिर होता था सौदा, जिसमें कई बार जितनी सस्ती शराब नहीं लाते थे, उससे अधिक की वसूली हो जाती थी। बताया तो यहां तक जाता है कि आधी शराब भी पकड़ने वाले ले जाते थे। चर्चा तो यहां तक है कि पिछले दिनों एक बाइक सवार युवक को ठेकेदार के गुर्गों ने पीट पीट कर मार डाला था, जिसे बाद में एक्सीडेंट बताया गया। फिलहाल, आबकारी विभाग की इस कार्यवाही से अब शिवपुरी से सेसई तक का रिस्की जोन खत्म हो जाएगा।

