भूख से बेहाल तेंदुए के युवा बच्चे फंसे रेस्क्यू के पिंजरे में, हातोद गांव में मचा रखा था आतंक
सुअर का शिकार पूर्व सरपंच के कुत्ते ने किया फेल, तो कुत्ते को दबोचा, बमुश्किल छुड़ाया
शिवपुरी। माधव टाइगर रिजर्व में तेंदुओं की संख्या बढ़ने तथा जंगल में टाइगर आ जाने से वो अब आसपास के गांव में आतंक बरपा रहे हैं। हातोद गांव में पिछले दो माह से मवेशियों को शिकार बना रहे तेंदुए के दो वयस्क बच्चों को वन विभाग की टीम ने एक बकरे का लालच देकर पिंजरे में कैद कर लिया। यह दोनों तेंदुए एक ही मां के बच्चे बताए जा रहे हैं, जो गांव के मवेशियों पर शिकार के गुर सीख रहे थे।
हातोद गांव की पूर्व सरपंच प्रवीन मेहरोत्रा के पति मनीष मेहरोत्रा ने बताया कि पिछले दो माह से तेंदुए के दो वयस्क बच्चे गांव में घरों के आसपास ही घूमते रहते थे। स्थिति यह बन गई थी कि बकरियां चराने वाले चरवाहे जंगल में जा नहीं पा रहे थे, क्योंकि तेंदुओं द्वारा बकरी व पालतू कुत्तों का शिकार कर रहे थे। उन्होंने बताया कि तेंदुओं की मां भी अक्सर गांव के आसपास नजर आती थी। चूंकि तेंदुओं के आतंक की वजह से ग्रामीणों ने अपने मवेशियों की सुरक्षा में रात में जागना शुरू कर दिया था, इसलिए तेंदुए के युवा बच्चे पिछले तीन दिन से गांव में रात को ही नहीं, दिन में भी आकर मवेशियों का शिकार करने का प्रयास कर रहे थे।
बकौल मनीष, बुधवार की शाम को तेंदुए के बच्चे एक सुअर का शिकार करने के लिए जब घात लगाकर बैठे थे, तभी उनका पालतू कुत्ता भोंकने लगा तो सुअर भाग गया। उन्होंने बताया कि शिकार फेल हो जाने से गुस्साए तेंदुओं ने हमारा पालतू कुत्ता दबोचने का प्रयास किया, जिसे शोर मचाकर बमुश्किल छुड़ाया। चूंकि फॉरेस्ट ने 3 दिन पहले पिंजरा लगा दिया था, तथा शिकार न कर पाने की वजह से वो भूखे थे, इसलिए पिंजरे में बंधे बकरे का शिकार करने दोनों तेंदुए घुस आए, तथा रेस्क्यू टीम के शिकंजे में फंस गए। पकड़े गए तेंदुओं को नरवर की तरफ जंगल में छोड़ने की बात फॉरेस्ट की रेस्क्यू टीम ने कही है।

