दतिया की तरह क्या बांकीपुर में भी भाजपा के पदाधिकारी होंगे पार्टी से बाहर..?, या खुन्नस रही

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आम विधानसभा चुनाव की तुलना में 1700 वोट अधिक प्राप्त करना ही सीएम ने मानी उपलब्धि
शिवपुरी से सैमुअल दास::
उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को दतिया ही नहीं बिहार के बांकीपुर में भी हार का मुंह देखना पड़ा है। उपचुनाव हारने के बाद पार्टी ने जिस तरह से दतिया में भाजपा जिलाध्यक्ष सहित पूरी कार्यकारिणी को भंग कर दिया, उसी तरह क्या बांकीपुर में भी पार्टी कोई कार्यवाही करेगी?, या फिर दतिया में मिश्रा समर्थकों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन की खुन्नस थी। यदि दोनों सीटों की तुलना की जाए तो दतिया से तो पहले भी कांग्रेस के विधायक थे, जबकि बांकीपुर में तो भाजपा के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन विधायक थे, जिनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद वहां उपचुनाव हुआ था।
दतिया उपचुनाव में मिली हार के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जो बयान आया, उसमें उन्होंने बताया कि 2023 में हुए आम विधानसभा चुनाव की तुलना में भाजपा को उपचुनाव में 1700 वोट अधिक मिले हैं। यानि वरिष्ठ नेतृत्व का निर्णय सही था, तथा आशुतोष तिवारी ने नरोत्तम मिश्रा से अधिक वोट प्राप्त किए हैं। सीएम का यह बयान आधा गिलास भरे होने के मुहावरे जैसा है।
यदि बांकीपुर एवं दतिया उपचुनाव में भाजपा को मिली हार की तुलना की जाए तो दतिया में भाजपा 6092 वोट से हारी, जबकि बांकीपुर में जन स्वराज पार्टी के प्रशांत किशोर ने भाजपा के नीरज कुमार को 19,324 वोट से करारी शिकस्त दी। चूंकि बांकीपुर तो भाजपा का गढ़ रही है तथा पिछले आम चुनाव में वहां से विधायक बने नितिन नवीन को पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है, जिनके स्वागत वाले रोड शो में भगवान को भी डांस करवा दिया था। ऐसे में दतिया से ज्यादा सख्त कार्यवाही पार्टी को बांकीपुर में करनी चाहिए। हो सकता है कि दतिया से कोई बड़ा एक्शन बाराबंकी में पार्टी का वरिष्ठ नेतृत्व करे..!

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