देश बदल रहा है: अब सच बोलने और दिखाने लगे लोग, सहमे नेता: कहीं मांग न लें इस्तीफा
एंड्रॉयड मोबाइल ने दिया सोशल मीडिया का मंच, जिसने देश को जोड़ा, गोदी वाले भी हुए उजागर
शिवपुरी से सैमुअल दास:
देश बदल रहा है, यह स्लोगन कहीं सुना था। वर्तमान हालातों को देखकर तो ऐसा ही लग रहा हैं। सोशल मीडिया पर हर दूसरे वीडियो में लोग केंद्र सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त करते दिख रहे हैं। जिसमें वो फोटो व वीडियो दिखाकर नेताओं का दोहरेपन वाला चरित्र भी उजागर कर रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि जनता जब बोलने लगी तो नेताओं ने चुप्पी साध ली। अब उनके समर्थक माहौल को बनाए रखने की कवायद कर रहे हैं, लेकिन वो भी उतनी दमदारी नहीं दिखा पा रहे, क्योंकि लोग वीडियो दिखाकर जवाब मांग रहे हैं। अब सरकार के खिलाफ बोलने पर देशद्रोह के मामले दर्ज नहीं हो रहे, क्योंकि एक एंड्रॉयड मोबाइल ने देश को सोशल मीडिया की कड़ियों से जोड़ दिया। बहुत तेजी से बदल रहे हालातों के बीच वो लोग भी उजागर हो गए जो गोदी में बैठकर सच को झूठ दिखाने का प्रयास कर रहे थे। देश में प्रेम व सोहार्द का वातावरण बना रहे, यह हर देशवासी की जिम्मेदारी है। ऐसा इसलिए क्योंकि नेता अपनी कुर्सी बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। जिस जगह पर अड़ोस पड़ोस में रहते हुए बरसों तक एक-दूसरे के सुख दुख में खड़े रहे, उनसे अब नफरत क्यों?। यह देश नेताओं का नहीं, जनता का है, यह बात अब सोशल मीडिया पर लोग बोल रहे हैं। देखते हैं कि अब देश की जागी हुई जनता आगे चलकर क्या बदलाव लाती है..?

