जीत में छुप जाएंगे आरोप, हार में ढूंढी जाएंगी कमियां: आखिर पूरी सरकार लगी रही फिर भी..
दतिया में कांग्रेस की जीत में पार्टी सपोर्ट के साथ व्यक्तिगत छवि, भाजपा में गुपचुप चली काट
शिवपुरी से सैमुअल दास:
दतिया उपचुनाव के परिणाम में अब जीत-हार के वोट का अंतर ही शेष रह गया, जबकि परिणाम तो कांग्रेस के पक्ष में चला ही गया। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह एवं जीतू पटवारी की टीम ने कांग्रेस को उस माहौल में जीत दिला दी, जिसमें केंद्रीय मंत्री, सीएम सहित सरकार के कई मंत्री डेरा डाले रहे। जीत की इस खुशी में भीतरघात के आरोप भी छुप जाएंगे तथा राजेंद्र भारती से शायद घनश्याम सिंह गले भी मिलेंगे।
इधर भाजपा में बड़े सवाल शुरू हो गए, जोर तो पूरा लगाया, फिर कमी कहां रह गई। मतदान के बाद आए वीडियो में कांग्रेस प्रत्याशी ने कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर भितरघात के आरोप लगाए थे, जो काफी वायरल भी हुए। वो आरोप कितने सच साबित हुए, यह अब कांग्रेस नहीं ढूंढेगी, लेकिन भाजपा में यह खोज शुरू हो गई है कि किसने दोहरा चरित्र दिखाकर चुनाव हरवा दिया, या फिर टिकिट बदलने से जनता ने भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व के निर्णय को ठुकरा दिया..?। परिस्थितियां जो भी रही हों, लेकिन अब भाजपा का वरिष्ठ नेतृत्व जो निर्णय ले रहा है, वो दांव उल्टा ही पड़ रहा है, फिर चाहे दिल्ली का जंतर-मंतर हो या दतिया का उपचुनाव..
इस फैसले से मिश्रा समर्थक भी यह कहते हुए खुश हैं कि और बदल लो प्रत्याशी..!

