नरवर किले की तोप चोरी को रामवीर दाऊ की तर्ज पर पारदी गिरोह जैसा पुलिस ने किया ट्रेस
तोप चोरी में शामिल रहे मजदूरों को पकड़ने में पाई सफलता, चोरी गई तोप अभी भी लापता
शिवपुरी से सैमुअल दास::
जिले के नरवर किले से चोरी गई ऐतिहासिक तोप के मामले को पुलिस ने पारदी गिरोह की डकैती की तर्ज पर ट्रेस किया। तोप ढोने वालों को दबोचकर चोरी में सफलता प्राप्त करने वाली पुलिस ने बाँध उड़ाने की कहानी को जोड़कर मामले को रोचक जरूर बनाया, लेकिन सच्चाई यह है कि तोप अभी भी लापता ही है।
पुलिस विभाग में रामवीर दाऊ को लगभग पूरा महकमा जानता है, क्योंकि वो पुलिस की वर्दी पहनकर काम अपराधियों के लिए करता रहा। बताते हैं कि पारदी गिरोह जब कोई बड़ी डकैती डालता था, तो कथित तौर पर माल दाऊ के पास ही आता था। जब प्रेशर अधिक आता था तो डकैती में शामिल एकाध कैजुअल मेंबर हाजिर करके 100 में से 2 रुपए का माल बरामद करवा कर मामले को रिकॉर्ड में ट्रेस मान लिया जाता था। ठीक इसी तर्ज पर नरवर किले से चोरी गई तोप के मामले को शिवपुरी पुलिस ने ट्रेस कर लिया।
सूत्रों की मानें तो किले से तोप को हैंडपंप के कटे हुए हिस्सों पर रखकर लुढ़का कर नीचे लाया गया। फिर उसे पिकअप वाहन में रखकर वहां से ले जाया गया। बताते हैं कि तोप ले जाने वाले लोगों ने राजस्थान के धौलपुर में उस गाड़ी को छोड़कर दूसरी गाड़ी में तोप को लादकर रवाना कर दिया। चोरी के जिन दो आरोपियों को दबोचा गया, वो माल ढोने में मददगार रहे, लेकिन वाहन बदलने के बाद वो तोप कहाँ गई, यह तो उन्हें भी नहीं पता, जो पुलिस के शिकंजे में आए। चूंकि मामला ऐतिहासिक तोप का था तो भागते भूत की लंगोटी दिखाकर मामला ट्रेस करने का दावा कर दिया गया। इस पूरे खेल में बांध उड़ाने की जो कहानी बताई गई, उसे पढ़कर अब बांध के आसपास रहने वाले हर रोज सुबह बांध की सलामती को देखते हैं।

