चक्काजाम के 5वें दिन पता चला कि सेवाएं बाधित हुईं, सरपंच व ग्रामीणों पर मामला दर्ज

0

मामला बिजली कटौती विरोध का, चर्चा: महंगी पड़ी ऊर्जा मंत्री की सांकेतिक अर्थी निकलना
शिवपुरी। जिले की सिरसौद – पिछोर रोड पर बीते 27 जुलाई को अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ किए गए चक्काजाम ने 5 दिन बाद असर दिखाया। उस चक्काजाम में एंबुलेंस व डॉयल 112 जैसी आवश्यक सेवाएं बाधित हुईं, जब यह बात 31 जुलाई को पता चली, तो अमोला थाना पुलिस ने सरपंच सहित ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। जबकि क्षेत्र में चर्चा है कि बीते 29 जुलाई को ऊर्जा मंत्री की सांकेतिक अर्थी निकालना महंगा पड़ गया। महत्वपूर्ण बात यह है कि इतना सब होने के बाद भी बिजली कटौती से कोई खास राहत नहीं मिल पाई।
गौरतलब है कि करेरा विधानसभा के सिरसौद (अमोला) में बिजली की अघोषित कटौती से परेशान ग्रामीणों के साथ सरपंच अतर सिंह लोधी ने पहले धरना दिया, फिर बीते 27 जुलाई को सिरसौद – पिछोर रोड पर स्वयं सड़क पर लेटकर चक्काजाम किया था। यह जाम कुछ समय बाद खुलवा दिया गया था, लेकिन उसकी खबर सामान्य चक्काजाम की तरह ही चली। हालात न सुधरने पर ग्रामीणों ने 29 जुलाई को एक अर्थी बनाकर उसके आगे ऊर्जा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री का फोटो लगाकर, उसे गांव में घुमाया, फिर अंतिम संस्कार किया। हालांकि इस अनूठे प्रदर्शन से सरपंच अतर सिंह लोधी ने खुद को पर्दे के पीछे ही रखा था। यह खबर न केवल प्रिंट मीडिया ने फ्रंट पेज प्रकाशित की, बल्कि सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चित हुई।
जब यह मामला सोशल मीडिया के माध्यम से देश भर में चर्चित हुआ तो प्रभारी मंत्री के विरोध में इस तरह के प्रदर्शन को गभीरता से लिया गया। अब चूंकि सांकेतिक शवयात्रा निकालने में कोई मामला बनता नहीं है, इसलिए 5 दिन पूर्व लगाए गए चक्काजाम में एंबुलेंस व डॉयल 112 को जबरन फंसाकर, बिजली कंपनी के लाइनमैन की शिकायत पर सरपंच सहित ग्रामीणों पर एफआईआर दर्ज की गई। महत्वपूर्ण बात यह भी है कि सरपंच भाजपा समर्थित है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *