मेडिकल कॉलेज के पास जिस 32 बीघा में प्लॉट बेच रही नगरपालिका, उसी में छोड़ा गंदा पानी
मेडिकल कॉलेज के पास जिस 32 बीघा में प्लॉट बेच रही नगरपालिका, उसी में छोड़ा गंदा पानी
पूर्व में शराब ठेकेदार से हुआ था 150 करोड़ की जमीन 30 करोड़ में देने का सौदा, कराया निरस्त
शिवपुरी। मेडिकल कॉलेज शिवपुरी के पास राजस्व की 32 बीघा जमीन नगरपालिका को इसलिए दी गई थी कि उसमें प्लॉट बेचकर अपनी आर्थिक स्थिति सुधारे। नपा के भ्रष्ट जिम्मेदारों ने इस 150 करोड़ रुपए कीमत की जमीन का एक शराब ठेकेदार से महज 30 करोड़ में सौदा करके उसका टेंडर भी पास कर लिया था। बताते है कि इसके एवज में टोकन मनी भी भ्रष्टाचारियों को बांट दी गई थी।
नगरपालिका शिवपुरी द्वारा किए गए करोड़ों के इस जमीन घोटाले की शिकायत लोकायुक्त पुलिस से शिवपुरी के जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष एडवोकेट विजय तिवारी ने की थी। इस शिकायत के आधार पर मैने जमीन घोटाले की खबरें लगातार प्रकाशित की, तो शराब ठेकेदार के रिश्तेदार ने मुझे फोन करके इस मामले को निपटाने एवं बड़ी रिश्वत की पेशकश की थी। जब मैने उसे झिड़क दिया, तो उसने ग्वालियर में हमारे संस्थान के कुछ भ्रष्ट लोगों को कथित रिश्वत देकर मेरा ट्रांसफर शिवपुरी से 750 किमी दूर सिंगरौली करवा दिया था।
पूर्व कलेक्टर रविंद्र चौधरी ने जब मेरे एकाएक हुए ट्रांसफर की वजह पूछी तो मैने उन्हें पूरा मामला बताया। जिस पर उन्होंने कहा कि हमने यह जमीन नगरपालिका को अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने को दी थी, धंधा करने के लिए नहीं। इसके बाद कलेक्टर ने डीओ लेटर भोपाल लिखा, तब शराब ठेकेदार का टेंडर निरस्त हुआ, अन्यथा उसे तो 120 करोड़ रुपए का लाभ हमारी नगरपालिका के भ्रष्ट कर्ताधर्ताओं ने दे ही दिया था।
अब काट रहे प्लॉट, बीच में भर रहा गंदा पानी:
मेडिकल कॉलेज के पास स्थित 32 बीघा इस जमीन में अब नगरपालिका फिर से प्लॉट बेच रही है। साथ ही इसमें सीसी सड़कें भी बनाई जाने लगी। उक्त जमीन में एक तरफ नगरपालिका प्लॉट काटकर उसमें बसाहट करने की तैयारी कर रही है, तो वहीं दूसरी ओर उसी प्लॉट वाली जमीन में गंदे पानी की निकासी करके उसमें गंदगी को बढ़ाने का काम नपा के जिम्मेदार कर रहे हैं। इस गंदे पानी को प्लॉटों में भरने के लिए नपा ने बड़े पाइप डाले हैं, जिनके माध्यम से गंदा पानी उनमें भर रहा है। ऐसे में गंदे पानी के बीच कौन रहने के लिए प्लॉट लेगा..?




















