देश में हर वर्ग नाराज, तो फिर खुश कौन है?, तनाव के बीच मर्यादा भी लांघने से परहेज नहीं

0
IMG-20261016-WA0001

चेन्नई में पीएम मोदी को दिखाए गो बैंक के पोस्टर, शिवपुरी में भाजपा विधायक का अपमान
शिवपुरी से सैमुअल दास::
देश में एक अजीब सी स्थिति बनी हुई है। युवाओं के बाद अब विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ गया है। सवर्ण समाज के लोग यूजीसी का विरोध कर रहे हैं, तो ओबीसी के लोग आरक्षण प्रतिशत बढ़ाए जाने के लिए धरना प्रदर्शन कर रहा है। युवा से लेकर हर वर्ग जब दुखी है, तो फिर खुश कौन है?, क्या लाडली बहना, जिसे हर महीने खाते में पैसा मिल रहा है या फिर वो कृषक जिसे किसान सम्मान निधि मिल रही है..!। महंगाई ने लाडली की नींद उड़ा रखी है तो किसान के सामने खाद-बीज का संकट गहराया हुआ है। आने वाला समय सत्ताधारियों के लिए अच्छा नजर नहीं आ रहा, क्योंकि अब विरोध से लेकर अपमान करने की घटनाएं भी सामने आने लगी हैं।
बीते 11 अक्टूबर को पीएम नरेंद्र मोदी चेन्नई में कई सौगातें देने गए। उनकी कड़ी सुरक्षा के3 बीच भी स्थानीय युवाओं एवं अन्य लोगों ने कई जगह गो बैंक के बैनर दिखाकर विरोध में नारेबाजी की। उस दौरान कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया, जिन्हें शाम को छोड़ भी दिया गया। अब बात शिवपुरी की करें तो गुरुवार को कलेक्ट्रेट में बातचीत के दौरान ओबीसी के पदाधिकारी ने शिवपुरी विधायक से ऐसा कुछ कह दिया, जो किसी भी सूरत में एक चुने हुए उम्रदराज जनप्रतिनिधि के लिए ठीक नहीं है। उस वीडियो के वायरल होने पर शुक्रवार को सभी प्रमुख अखबारों ने उस खबर को फ्रंट पेज पर जगह दी, तो वहीं सोशल मीडिया पर भी विरोध एवं समर्थन जैसी पोस्ट देखी गई।
मध्यप्रदेश भाजपा की प्याली में भी तूफान आया हुआ है। सीएम डॉ. मोहन यादव के खिलाफ पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान अघोषित मोर्चा खोले हुए हैं। यानि प्रदेश में भाजपा के अंदर गुटबाजी चरम पर है।
आने वाला समय सत्ताधारियों के लिए कैसा..!
वर्ष 2026 के इन 10 महीनों में देश में बहुत कुछ ऐसा घटित हुआ, जिसमें न केवल कई राज खुलकर सामने आए, बल्कि सत्ताधारियों को बैकफुट पर जाना पड़ा। जिनमें प्रमुख रूप से जेनजी का आंदोलन और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, धार्मिक आस्था के केंद्र राम मंदिर में चंदा चोरी तथा अभी हाल ही में इंडियन एक्सप्रेस की खबर से मुख्य चुनाव आयुक्त की कारगुजारी उजागर होने के बाद देश भर में एक अजीब माहौल बना हुआ है। अब आने वाला समय सत्ताधारियों के लिए कैसा होगा, इसका जवाब भविष्य के गर्त में छुपा हुआ है।

15 August Advertisement
15 August Advertisement
15 August Advertisement
15 August Advertisement
15 August Advertisement
15 August Advertisement
15 August Advertisement
15 August Advertisement
15 August Advertisement
15 August Advertisement
15 August Advertisement
15 August Advertisement
15 August Advertisement
15 August Advertisement
15 August Advertisement
15 August Advertisement
15 August Advertisement
15 August Advertisement
15 August Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *