शिवपुरी में नौकायन हुआ बंद, चांदपाठा से राजकुमारी सहित अन्य सभी वोट हुईं गायब

जलकुंभी के बीच दो साल से बंद पड़ी थी वोटिंग, अब वोट ही हटा दी गई, सैलानियों में निराशा
शिवपुरी। रामसर साइट में शामिल हुई शिवपुरी की चांदपाठा झील में अब नौकायन पूरी तरह से बंद हो गया। इतना ही नहीं, टूरिस्ट विलेज के नीचे बनाए गए वोट हाउस को भी समेटने के साथ पानी में तैर रहीं वोट भी हटा दी गई। जिसके चलते अब सैलानियों के निराशा है, क्योंकि इस झील में बड़ी संख्या में सैलानी वोटिंग का आनंद लेते थे।
शिवपुरी में टूरिज्म को बढ़ावा देने के दावे सिर्फ भाषणों और कागजों में किए जा रहे हैं, जबकि धरातल पर स्थिति बिल्कुल विपरीत है। प्राचीन पर्यटन स्थल भदैया कुंड में चौतरफा गंदगी का अंबार लगा हुआ है। यहां के वोट हाउस के ऊपर से नजर आने वाली वोट भी गायब हो गईं। पिछले दो साल से छाई जलकुंभी में फंसी राजकुमारी के अलावा अन्य स्पीड वोट भी अब नजर नहीं आ रहीं। यानि अब इस झील में सैलानियों को वोटिंग का आनंद नहीं मिल पाएगा।
हालांकि चांदपाठा झील नेशनल पार्क एरिया में होने की वजह से माधव टाइगर रिजर्व के सीसीएफ ने पहले ही वोटिंग को बंद करवा दिया था। उसके बाद जलकुंभी के शिकंजे में वोट फंसी रहीं, और अब उन वोट को ही हटा दिया गया। इस तरह टूरिज्म को बढ़ावा देने में सहयोगी बनी वोटिंग भी शिवपुरी में बंद हो गई। ज्ञात रहे कि एक वोट हाउस सेलिंग क्लब पर भी बनाया गया है, जहां से पार्क प्रबंधन द्वारा वोटिंग करवाई जाती थी, जिसे पहले ही बंद कर दिया था। बाद में टूरिस्ट विलेज द्वारा चांदपाठा झील में वोटिंग करवाई जाती थी, जिसे पहले पार्क प्रबंधन ने और फिर बाद में जलकुंभी ने अपने शिकंजे में फंसाकर उसे पूरी तरह से बंद करवा दिया।
झील में अभी भी आ रही सीवर की गंदगी:
झील संरक्षण परियोजना के तहत शिवपुरी शहर में सीवर प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ था। इस प्रोजेक्ट में 113 करोड़ रुपए की राशि खर्च होने के बाद अब वो भी फेल हो गया। यह पूरी कवायद झील में सीवर की गंदगी को रोकने के लिए की गई थी, लेकिन अभी भी इस झील में शहर के नालों में पहुंच रही सीवर की गंदगी पिछले दिनों हुई तेज बारिश के दौरान कर्बला से होकर पहुंच चुकी है।




















