हादसे में बाइक सवार, मूक बधिर की डूबने से व अधेड़ का अपने ही घर में फंदे पर लटका शव

बैराड़ में परचूनी की दुकान से पकड़ा गांजा, पुलिस ने सप्लायर का भी किया खुलासा
शिवपुरी। जिले में पिछले 24 घंटे में 3 लोगों की मौत हो गई। लुकवासा में सड़क हादसे में बाइक सवार की मौत हो गई, तो बैराड़ के ननौरा के मूक बधिर की तालाब में डूबने से तथा लुकवासा में एक अधेड़ का अपने घर में फंदे पर लटका शव मिला। महत्वपूर्ण बात यह है कि बैराड़ पुलिस ने एक परचूनी की दुकान से गांजा जब्त करने के साथ ही सप्लायर की भी पतारसी कर ली।
म्याना के युवक की लुकवासा में हादसे में मौत:
बीते बुधवार की शाम आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर लुकवासा चौकी अंतर्गत एक अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। बाइक सवार राजकुमार धाकड़ (25) निवासी ग्राम छीरखेड़ा म्याना, गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे जब तक अस्पताल ले जाया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर वाहन की तलाश शुरू कर दी है।
तालाब में डूबा मूक बधिर, हुई मौत:
जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र के ग्राम नानौरा में रहने वाले 25 वर्षीय मूक बधिर हरगोविन्द पुत्र अंतू जाटव, बुधवार की रात को उस समय तालाब में डूब गया था, जब गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन हो रहा था। हरगोविंद की लाश तालाब में फैली झाड़ियों में उलझी मिली। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
अधेड़ का शव फंदे पर लटका मिला:
लुकवासा चौकी अंतर्गत रहने वाले 50 वर्षीय भूरा जाटव का शव बीते बुधवार की शाम को उसके ही घर में फांसी के फंदे पर लटका मिला। बताते हैं कि भूरा के परिजन सुबह काम पर गए थे, तथा शाम को जब उसकी पत्नी काम से लौटी तो उसे भूरा का शव लटका मिला। बताते हैं कि मृतक टीबी की बीमारी से ग्रसित था।
परचूनी की दुकान से जब्त किया गांजा:
जिले की पोहरी विधानसभा के बैराड़ थाना क्षेत्र के वार्ड 6 में परचूनी की दुकान चलाने वाले मातादीन शर्मा के पास से 1 किलो से अधिक गांजा जब्त किया। दुकान से पुलिस को 1 किलो 380 ग्राम गांजा बरामद करने के साथ ही गांजा बेचकर प्राप्त किए 3730 रुपए भी जब्ती में लिए। बैराड़ थाना प्रभारी सुरेश शर्मा ने दुकानदार मातादीन से जब पूछा कि यह गांजा किसने सप्लाई किया तो उसने बताया कि गांजे की खेप भल्लू बाबा गोस्वामी देकर गया है। मातादीन 12 हजार रुपए किलो गांजा लेकर 18 से 20 हजार रुपए किलो में बेचकर 6 से 8 हजार रुपए कमा रहा था। यदि स्मैक पकड़ने के बाद भी पुलिस सप्लायर का पता लगाए तो उस नशे का रैकेट भी क्रेक हो सकता है।




















