नरवर मंडी में अवैधानिक रूप से संचालित मूंगफली दाना मिल हटाने के निर्देश

नरवर मंडी में अवैधानिक रूप से संचालित मूंगफली दाना मिल हटाने के निर्देश
एनजीटी ने दिया नरवर की 5 फर्मों को नोटिस, मंडी में चल रहीं दाना मिलों में नहीं किया जा रहा नियमों का पालन, आमजन हो रहे बीमार
शिवपुरी। जिले की नरवर तहसील में स्थित पुरानी अनाज मंडी में 5 फर्मों द्वारा अवैध रूप से न केवल मूंगफली दाना मीलों का संचालन किया जा रहा है, बल्कि उनके द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन भी नहीं किया जा रहा। जब इस संबंध में स्थानीय अधिकारियों ने सुनवाई नहीं की, तब शिकायतकर्ता देवेंद्र चौरसिया ने मामला एनजीटी में लगाया। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने इस मामले में सुनवाई करते हुए उक्त फर्मों को नोटिस जारी कर कलेक्टर एवं मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जांच कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला नरवर में स्थित पुरानी अनाज मंडी पर संचालित अवैध मीलों का है, जिसमें राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) मे देवेंद्र चौरसिया द्वारा आवेदन क्रमांक 200/2026 (CZ) के माध्यम से शिकायत की है। जिसमें उल्लेख किया गया है कि पुरानी मंडी के शासकीय सर्वे नंबर 1728, 1731 एवं 1795, पर बिना किसी वैध आवंटन, पट्टे या अनुमति के संचालित हो रहीं हैं। यह मूंगफली दाना मील सुनील कुमार माहेश्वरी, कृष्ण कुमार माहेश्वरी, हरिवल्लभ माहेश्वरी, संदीप बिसानी तथा प्रमोद भार्गव की हैं।
मूल आवेदन में उठाए गए मुद्दे नरवर (जिला शिवपुरी) की पुरानी अनाज मंडी क्षेत्र में संचालित अनाज प्रसंस्करण मिलों के लगातार अवैध संचालन से संबंधित हैं। यह मील जिन फर्मों के नाम से संचालित हैं, उनमें M/s Maheshwari Traders, M/s Pallav Traders, M/s Shyama Traders, M/s Madanlal Nandkishore एवं M/s Pramod Bhargav के नाम से हैं। यह इकाइयां सरकारी भूमि पर बिना किसी वैध आवंटन, पट्टे या अनुमति के संचालित सरकारी भूमि पर संचालन की अनुमति तथा मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) से Consent to Establish या Consent to Operate प्राप्त नहीं की गई है।
मीलों से उड़ने वाला प्रदूषण बन रहा घातक:
नरवर की पुरानी अनाज मंडी में अवैधानिक रूप से संचालित दाना मीलों में धूल संग्रहण प्रणाली या फिल्ट्रेशन सिस्टम जैसे निर्धारित वायु प्रदूषण नियंत्रण उपाय भी स्थापित नहीं किए गए हैं। इसके कारण बड़ी मात्रा में धूल, भूसी के कण और सूक्ष्म कण लगातार वातावरण में फैल रहे हैं, जिससे गंभीर पर्यावरण प्रदूषण और स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य को खतरा उत्पन्न हो रहा है।
स्थिति इसलिए भी गंभीर बताई गई है क्योंकि पास में एक स्कूल स्थित है, जिससे बच्चे प्रतिदिन प्रदूषित हवा के संपर्क में आ रहे हैं। जिससे आमजन को गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है।
एनजीटी ने यह दिए हैं निर्देश:
बीते 11 सितंबर को एनजीटी ने शिवपुरी कलेक्टर एवं केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड और मध्यप्रदेश प्रदूषण बोर्ड को कमेटी गठित कर अवैध रूप से चला रहे मील संचालको को नोटिस दिए हैं। साथ ही कमेटी को निर्देशित किया है कि कार्यवाही कर मीलों को शासकीय भूमि से हटाया जाए। इस मामले में एनजीटी ने अगली तारीख 29 अक्टूबर 2026 तय की है।




















