जिस सीवर प्रोजेक्ट को हाईकोर्ट ने फेल माना, उसे ईएनसी ने सफल होने की संभावना जताई
जिस सीवर प्रोजेक्ट को हाईकोर्ट ने फेल माना, उसे ईएनसी ने सफल होने की संभावना जताई
न्यायालय आदेश पर जांच करने आई टीम, नालों में बने चेंबर देखने के अलावा सड़कों के चैंबर खुलवा कर देखा
शिवपुरी। झील संरक्षण परियोजना के तहत शिवपुरी में स्वीकृत हुआ सीवर प्रोजेक्ट 13 साल में भी अधूरा होकर शहरवासियों के लिए परेशानी बन गया। हाईकोर्ट ग्वालियर में चल रहे इस मामले की जांच करने आई टीम में शामिल ईएनसी संजय पांडेय ने शुक्रवार को शहर में सीवर प्रोजेक्ट का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान चर्चा में ईएनसी ने कहा कि प्रोजेक्ट सफल होगा, क्योंकि क्षतिग्रस्त चेंबर सुधारे जा रहे हैं, तथा डेमेज हो चुकी लाइन की चेकिंग के लिए भी बड़ी मशीनरी मौजूद हैं।
शिवपुरी शहर में जगह-जगह ध्वस्त हो चुके सीवर चैंबर तथा बिना कनेक्शन के ओवरफ्लो हो रहे चैंबरों को देखते हुए इस मामले को हाईकोर्ट में लगाया है। पिछले दिनों एक समाचार पत्र में खबर प्रकाशित हुई थी कि हाईकोर्ट ने माना कि शिवपुरी में सीवर प्रोजेक्ट फैल हो गया। न्यायालय आदेश पर ही जांच करने आई टीम में शामिल संजय पांडेय ने आज बीटीपी स्कूल वाली रोड पर नाले के चैंबरों को देखने के अलावा सड़क पर मौजूद चैम्बर को खुलवा कर उसके अंदर की स्थिति को देखा।
ईएनसी संजय पांडेय का कहना था कि सीवर प्रोजेक्ट में डिस्ट्रिब्यूशन लाइन में 6 इंच का पाइप यहां की आबादी को देखते हुए तय किया गया होगा। उन्होंने कहा कि 40 फीट गहराई में बने सीवर चैंबर भी चेक किए जा सकते हैं, उसमें कोई समस्या नहीं है। उनकी बातचीत से ऐसा लगा कि वो प्रोजेक्ट को सफल बताने की कोशिश कर रहे हैं। शहर भ्रमण के दौरान न्यू ब्लॉक के पास ओवरफ्लो चैंबरों से सड़क पर बह रही सीवर की गंदगी के भी फोटोग्राफ लिए। ईएनसी कह रहे थे कि अभी ट्रीटमेंट प्लांट भी देखने जाएंगे, लेकिन वो महज थोक सब्जी मंडी से लाल कॉलेज होते हुए वापस मेवाड़ पैलेस निकल गए। पिछली बार आई टीम टूरिस्ट विलेज में रुकी थी, इस बार टीम ने मेवाड़ पैलेस को रुकने के लिए बुक करवाया था।




















