इधर एथेनॉल खराब कर रहा गाड़ियां, उधर गन्ने की डिमांड बढ़ने से शक्कर 58 रुपए किलो हुई

इधर एथेनॉल खराब कर रहा गाड़ियां, उधर गन्ने की डिमांड बढ़ने से शक्कर 58 रुपए किलो हुई
मिठास में लगा महंगाई का तड़का, सस्ता चावल बाजार से गायब, गन्ने व चावल से बन रहा एथेनॉल
शिवपुरी से सैमुअल दास:
मिठास में महंगाई का तड़का कुछ ऐसा लगा कि एक माह में ही शक्कर के दामों में 14 रुपए प्रति किलो की बढ़ोत्तरी हो गई। गन्ने से एथेनॉल बन रहा है, इसलिए आमजन को महंगी शक्कर मिलने के साथ ही खराब हो रही गाड़ियों की रिपेयरिंग में दोहरा शोषण झेलना पड़ रहा है।
बुधवार की दोपहर जब SD न्यूज कोर्ट रोड पर गर्ग किराना स्टोर पर पहुंची तो वहां शक्कर व अन्य सामान लेने आई महिला उपभोक्ता ने दो बार टोटल पूछा, क्योंकि जो शक्कर 320 रुपए की लेती थीं, वो उन्हें 390 रुपए में मिली। दुकानदार अमित गर्ग ने बताया कि थोक में ही शक्कर के रेट बढ़ गए हैं। उन्होंने भी यह माना कि लोगों में चर्चा है कि गन्ने से जब एथेनॉल बन रहा है, तो शक्कर के दाम बढ़ना तय था, लेकिन एक साथ इतने दाम कभी नहीं बढ़े। उनका तो यह भी कहना है कि गरीब व्यक्ति जो सादा चावल 30 से 35 रुपए किलो में खरीदता था, वो मार्केट से गायब ही हो गया, तथा बाजार में मौजूद ब्रांडेड चावल के रेट में अभी उतनी बढ़ोत्तरी नहीं हुई। ज्ञात रहे कि चावल से भी एथेनॉल बनता है, जिसके चलते मध्यप्रदेश में चावल के कई ट्रक गायब हो चुके हैं। जिसकी जांच चल रही है।
देश में बन रहे इन हालातों के बीच आमजन अपनी महंगी गाड़ियों को एथेनॉल से खराब होने पर मेकेनिक को 200 से 500 रुपए देकर सुधरवा रहा है, तो वहीं शक्कर भी 58 रुपए किलो लेकर अपनी जेब कटवा रहा है।




















