11 साल बाद नाले के किनारे फिर चली पोकलेन, इस बार अधूरे टूटे भवन को पूरा गिराने की तैयारी

जब पवैया लड़े थे चुनाव, उसके बाद नालों को अतिक्रमण मुक्त मुहिम का आगाज यहां से हुआ
शिवपुरी। शहर की जनता को ध्यान होगा, जब 11 साल पूर्व नालों के किनारे किए गए अतिक्रमण हटाने की मुहिम शुरू हुई थी, जिसका आगाज बड़े नाले पर भाजपा नेता रज्जू गोयल की मजबूत बिल्डिंग से हुआ था। इतने बरसों तक आधी अधूरी टूटी इस बिल्डिंग को पूरी तरह से हटाने के लिए बुधवार को एक बार फिर पोकलेन लगी हुई है। इस आधी झड़ी बिल्डिंग को पूरी तरह से नेस्तनाबूत करने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि गुना-शिवपुरी संसदीय सीट से वर्ष 2014 में भाजपा प्रत्याशी जयभान सिंह पवैया थे, जबकि कांग्रेस से ज्योतिरादित्य सिंधिया मैदान में थे। चुनाव के दौरान पवैया ने शिवपुरी में रज्जू गोयल के फिजिकल स्थित कोठी में ठिकाना पाया था। चुनाव परिणाम तो पवैया के पक्ष में नहीं आया, लेकिन उसके बाद शिवपुरी जिला मुख्यालय पर नालों के किनारे किए गए कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन द्वारा मुहिम चलाई गई। यह मुहिम काफी समय पूर्व एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) द्वारा दिए गए आदेश को आधार बनाकर चलाई गई थी। इस मुहिम का पॉलिटिकल नेतृत्व तत्कालीन कैबिनेट मंत्री एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया की बुआ, यशोधरा राजे सिंधिया ने किया, जबकि प्रशासनिक टीम के मुखिया तत्कालीनी कलेक्टर राजीव दुबे तथा एसडीएम रूपेश उपाध्याय थे।
चूंकि नालों के किनारे से अतिक्रमण हटाने की शुरुआत भाजपा के वरिष्ठ नेता रज्जू गोयल की मजबूत बिल्डिंग से की गई, तो फिर अन्य अतिकामकों की इतनी जुर्रत नहीं थी कि वे मुहिम का विरोध कर पाते। इस बिल्डिंग को हम मजबूत इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि जब मुहिम की शुरुआत इसे तोड़ने से की गई तो घंटों तक पोकलेन लगने के बाद भी बिल्डिंग का बाहरी आवरण ही झड़ पाया था। इसे तोड़ने में पोकलेन भी हांफने लगी थी।
अब यह बताए बिल्डिंग तोड़ने के कारण:
पिछले 11 सालों से आधी टूटकर लटकी इस बिल्डिंग को गोयल परिवार पूरी तरह से साफ करवा रहा है। पूछने पर बताया गया कि जब भी कोई बाहर का मेरा आता है, तो इस टूटी बिल्डिंग को देखकर गोयल परिवार को फोन लगाकर पूछता है। वहीं दूसरा कारण यह भी है कि टूटकर आधी लटकी यह बिल्डिंग कभी गिरकर किसी हादसे का कारण न बन जाए।




















