गौवंश पर पहले राजनीति, अब प्रशासनिक आदेश, नतीजा शून्य, हाइवे पर कुचल रहीं गाय

चरनोई पर प्रभावशालीयों का कब्जा, शिवपुरी शहर बना तबेला, हाइवे पर झुंड में बैठता गौवंश
शिवपुरी। गौवंश को लेकर पहले नेताओं ने जमकर राजनीति की, उसके बाद सरकारी बैठकों में फरमान जारी हुए, लेकिन नतीजा शून्य रहा। आज भी गौमाता हाइवे पर दौड़ रहे भारी वाहनों के पहियों से कुचलकर मर रही हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि जिले में चरनोई भूमि पर प्रभावशाली कब्जा किए हुए हैं, जिसके चलते गौवंश रात के समय झुंडों के रूप में हाइवे पर बैठ रहा है।
गौमाता को लेकर पहले जब राजनीति हुई तो गौशाला के लिए करोड़ों रुपए की राशि शासन ने आवंटित की। यह गौशाला आवारा गौवंश के लिए ठिकाना तो नहीं बनीं, लेकिन इसकी आड में हर महीने आने वाला शासन का बड़ा बजट अभी भी मिलीभगत से ठिकाने लगाया जा रहा है। शिवपुरी शहर का बाजार तबेला बना हुआ है, जबकि कुछ दिन पहले एक सरकारी फरमान जारी हुआ था कि अब शहर में पालतू मवेशी नजर नहीं आएंगे। वहीं अंचल में भी कागजों में गौशाला चलने की वज़ह से आवारा गौवंश अभी भी सड़कों पर डेरा डाले हुए है।
पिछले दिनों जिला कलेक्टर ने खनियाधाना का दौरा किया, तो वहां उन्हें चरनोई की भूमि पर प्रभावशालीयों की फसल लगी मिली, जिसे कब्जा मुक्त करवाया गया। यदि जिलाधीश जिले भर की चरनोई का रिकॉर्ड निकलवा कर उसे खाली करवा दें तो इन मवेशियों को गांव में ही चरने के लिए जगह मिल जाएगी तथा हाइवे पर उनका आना भी बंद हो जाएगा। बीती रात अमोला क्रेशर के पास कोटा-झांसी फोरलेन पर एक डंपर ने 5 गायों को कुचलकर मार डाला, जिससे नाराज लोगों ने सोमवार को हाइवे पर जाम लगा दिया था। कार्यवाही के आश्वासन के बाद जाम खुलवाया गया।




















