आतिशबाजी बाजार की जगह लगे रेत-गिट्टी के ढेर, दुकान किराए को लेकर नपा में खींचतान

आतिशबाजी बाजार की जगह लगे रेत-गिट्टी के ढेर, दुकान किराए को लेकर नपा में खींचतान
तीन दिन दुकान लगाने के एवज में 5 हजार की वसूली, बक्से वाला चार गुना जगह घेरे बैठा
शिवपुरी। धनतेरस से दीपावली तक सजने वाले आतिशबाजी के बाजार में दुकान किराए को लेकर पिछले दिनों दुकानदार एवं नगरपालिका आमने-सामने आ गए थे। नपा ने पहले 5 हजार रुपए की मांग की, लेकिन दुकानदारों के विरोध के बाद यह रेट 2500 रुपए के दिया गया। यानि निर्धारित दर से दोगुनी वसूली की तैयारी कर ली थी। महत्वपूर्ण बात यह है कि सिद्धेश्वर पर जिस जगह आतिशबाजी का बाजार सजता है, वहां पर रेत – गिट्टी के ढेर लगे हुए हैं।
शिवपुरी नगरपालिका के कर्ताधर्ताओं को हर तरफ से अवैध वसूली की ऐसी आदत बन चुकी है कि आतिशबाजी बाजार में दुकान लगाने वालों से भी दोगुनी वसूली करने का प्लान बना लिया था। शहर के सिद्धेश्वर मंदिर के पास 20 बाई 15 की दुकान का तीन दिन का किराया पिछले वर्ष तक 2100 रुपए था, जिसे इस बार नपा ने 5 हजार रुपए कर दिया था। जिसका विरोध जब दुकानदारों ने किया तो 5 हजार से सीधे फिफ्टी परसेंट कम करके 2500 रुपए तय कर दिया।
सिद्धेश्वर के आतिशबाजी बाजार में 20 दुकानें लगती हैं, लेकिन जिस जगह पर मार्केट सजता है, वहां पिछले काफी समय से रेत – गिट्टी के ढेर लगे हुए हैं। अब चूंकि दीपावली में कुछ दिन ही शेष रह गए हैं, लेकिन रॉ मटेरियल बड़ी मात्रा में रखा हुआ है। ऐसे में आतिशबाजी बाजार उस जगह पर कैसे लग पाएगा..?
करोड़ों का कारोबारी, फ्री में लगा रहा दुकान:
जिस जगह पर आतिशबाजी बाजार सजता है, उसी के पास नगरपालिका की जमीन पर हसीन बक्से वाली की चार गुना अधिक जगह में बिना किसी किराए के दुकान चल रही है। आतिशबाजी वालोंं से 3 दिन के 2500 रुपए (20 बाई 15) के यानि 833 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से वसूले जा रहे हैं, तो फिर बक्से वाले को किसने फ्री में जगह दे दी..?। बताते हैं कि हसीन बक्से वाले का मीट मार्केट में ढाई बीघा एरिया में गोदाम है तथा 1500 वर्गफीट का इंडस्ट्रियल एरिया में कारखाना चल रहा है। यदि इस बक्से वाले को इतनी बड़ी जगह नगरपालिका ने फ्री में दे रखी है, तो फिर आतिशबाजी वाले दुकानदारों से इतनी मोटी राशि क्यों वसूल की जा रही है..?




















