शहर के साथ छलावा करने के लिए डाली गई जीआरपी पाइप के कचरे की सफाई हुई शुरू

शहर के साथ छलावा करने के लिए डाली गई जीआरपी पाइप के कचरे की सफाई हुई शुरू
स्वच्छता अभियान का कलेक्टर ने किया औचक निरीक्षण, समयसीमा में माधव टाइगर रिजर्व में सफाई के दिए निर्देश
शिवपुरी। शहर के साथ छलावा करने के लिए डाली गई पानी की जीआरपी पाइप लाइन अब कचरा बनकर माधव टाइगर रिजर्व के जंगल में बिखरी पड़ी है। उसे उठाकर डंपिंग स्थल बड़ौदी पर पहुंचाने का काम गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर से शुरू हुआ। चूंकि इसमें एनजीटी ने स्थानीय प्रशासन एवं नगरपालिका को 30 अक्टूबर तक का समय दिया है, इसलिए उक्त कार्य में कोई लापरवाही न हो, यह निर्देश देने कलेक्टर भी मौके पर पहुंचे।
माधव टाइगर रिजर्व एवं आसपास की सीमा में पड़े पुराने जीआरपी पाइप और अन्य अपशिष्ट को हटाने के संबंध में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने सख्ती की है। उन्होंने शुक्रवार को वन परिक्षेत्र मध्य माधव टाइगर के कोर एरिया स्थित ग्राम चांड कैंपस एवं वन रक्षक आवास बीट रायपुर पहुंचकर वहां पड़े जीआरपी पाइप कचरे के विनिष्टीकरण एवं उठवाने की कार्यवाही का निरीक्षण किया। शिवपुरी नगरपालिका सीएमओ को कचरा उठवाने और निस्तारण को लेकर निर्देश दिए हैं।
इंसानों को तरसाया, वन्यजीवों के लिए खतरा:
सिंध जलावर्धन योजना के तहत मड़ीखेड़ा से शिवपुरी शहर तक डाली गई जीआरपी पाइप लाइन ने शहर की 2 लाख आबादी को पानी के लिए कई वर्षों तक तरसाया। भीषण गर्मी के मौसम में जब शहर की जनता पानी का इंतजार करती थी, तब यह पाइप लाइन लीकेज होकर जंगल में पानी बहाती थी। अब जबकि पाइप बदल गए तो यह पुराने पाइप जंगल में पड़े रहकर वन्यजीवों के लिए साइंटिफिक रूप से खतरा बने हुए थे। इनमें आग भी बहुत विकराल रूप में लगती है। इसलिए इन पाइपों के कचरे को हटाने का आदेश एनजीटी ने दिया है।




















