जिस लाडली के लिए मप्र सरकार ले रही कर्जा, वो ही 20481 करोड़ की चोट देने की तैयारी में

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जिस लाडली के लिए मप्र सरकार ले रही कर्जा, वो ही 20481 करोड़ की चोट देने की तैयारी में

जिस लाडली के लिए मप्र सरकार ले रही कर्जा, वो ही 20481 करोड़ की चोट देने की तैयारी में

मप्र में भाजपा की सरकार बनाकर 259 दिन सीएम रहीं उमा ने किया शराबबंदी का समर्थन

शिवपुरी से सैमुअल दास::
वर्ष 2023 में सभी एग्जिट पोल को झूठा साबित करके मध्यप्रदेश में भाजपा की फिर से सरकार बनाने में लाडली बहनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इन लाडलियों के खाते में हर महीने राशि भेजने के लिए मप्र सरकार को करोड़ों का कर्जा लेना पड़ रहा है, बावजूद इसके अब वो ही लाडली 20481 करोड़ का नुकसान देने की तैयारी में जुट गई। जिसकी शुरुआत शिवपुरी जिले से हुई तथा लाडलियों के इस कदम का समर्थन मप्र में भाजपा की सरकार बनाने एवं 259 दिन मुख्यमंत्री रहीं उमा भारती ने भी किया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में भी उमा भारती ने शराब का विरोध दर्ज कराया था, लेकिन अब मोहन यादव के कार्यकाल में महिलाएं तोड़फोड़ पर उतारू हो गईं।
शराब है खराब – करती है घर बर्बाद। इस तरह के स्लोगन अधिकांशतः नजर आते रहते हैं, तथा मप्र सरकार ने इस वर्ष आबकारी विभाग को 20481 करोड़ का टारगेट दिया था। शिवपुरी में आबकारी विभाग ने शराब ठेकेदारों से ऐसा गुप्त समझौता किया कि लाइसेंसी दुकानों के अलावा हर गांव व बस्तियों में ठेकेदारों ने कमीशन पर शराब बिकवाना शुरू कर दिया। जिसका विपरीत असर यह हुआ कि घरों के आसपास ही शराब आसानी से मिल जाने की वजह से शराबियों ने पूरे समय तक नशे में धुत्त होकर अपने परिवार को आर्थिक नुकसान देना शुरू कर दिया। ऐसे शराबियों के परिवार की महिलाएं अपने पति या बेटों पर कंट्रोल नहीं कर पाईं तो फिर उन्होंने शराब की दुकानों पर यह सोचकर अटैक करना शुरू कर दिया कि जब दुकान ही नहीं होगी, तो फिर वो शराब कैसे पियेगा..?

सागर में मौतें, शिवपुरी में शराब दुकानें बंद:

पिछले दिनों मप्र के सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से हुई 36 मौतों का असर शिवपुरी में कुछ ऐसा हुआ कि शराब की दुकानों पर तोड़फोड़ करना शुरू कर दिया। हालात यह बने कि शराब की दुकानों को खोलने की हिम्मत ठेकेदार नहीं कर पा रहे। अमोलपठा में पुलिस ने मामला दर्ज कर गिरफ्तारी भी शुरू कर दी, लेकिन महिलाओं का विरोध रुकने का नाम नहीं ले रहा। महिलाओं के इस कार्य को मप्र की पूर्व सीएम उमा भारती ने भी उचित ठहराते हुए उनका समर्थन किया, तथा दूसरों से भी अपील की है।

259 दिन रहीं सीएम, वरना होती शराबबंदी!

उमा भारती वो वरिष्ठ भाजपा नेत्री हैं, जिन्होंने मध्यप्रदेश में कांग्रेस की दिग्विजय सरकार को उखाड़कर भाजपा की सरकार बनाई, तथा वो खुद सीएम बनीं। उन्होंने 259 दिन सीएम रहने के बाद हुवली (कर्नाटक) मामले में गैर जमानती वारंट निकलने पर नैतिक आधार पर 23 अगस्त 2004 को सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। तत्पश्चात 29 नवंबर 2005 तक बाबूलाल गौर एवं 2005 से 12 दिसंबर 2018 तक एवं मार्च 2020 से 13 दिसंबर 2023 तक शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री रहे। उसके बाद दिल्ली की पर्ची पर डॉ. मोहन यादव सीएम बने। यह माना जा रहा है कि यदि उमा भारती और अधिक समय तक सीएम रहतीं तो गुजरात एवं बिहार की तरह मप्र में भी शराबबंदी करवा देतीं।

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