मकान के लिए भाई बना जान का दुश्मन, डर की वजह से छोड़ा घर, एसपी ने दिया आश्वासन
मकान के लिए भाई बना जान का दुश्मन, डर की वजह से छोड़ा घर, एसपी ने दिया आश्वासन
स्थानीय पुलिस परिवार का मामला बताकर कार्यवाही करने से झाड़ रही पल्ला, अब कार्यवाही की आस
शिवपुरी। आज के दौर में प्रोपर्टी के लिए लोग अपने खून के रिश्तों को भी भुला बैठे हैं। ऐसा ही एक मामला मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में जनसुनवाई के दौरान आया। जिसमें सगा भाई व उसकी पत्नी ने मकान हथियाने के लिए न केवल मारपीट की, बल्कि अब महिला संबंधी अपराध में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। इसी डर की वजह से पीड़ित ने अपना घर छोड़कर अपना राज्य छोड़कर झांसी में अपने बेटे के घर शरण ली है। महत्वपूर्ण बात यह है कि स्थानीय पुलिस इसे पारिवारिक मामला बताकर पल्ला झाड़ रही है, लेकिन अब पुलिस अधीक्षक से मिले आश्वासन के बाद इस डरे सहमे परिवार को न्याय की उम्मीद है।
जिले के पिछोर कस्बे में रहने वाले उद्योग विभाग से रिटायर्ड हुए महेश शर्मा ने बताया कि पिछोर में उनका एक मकान है, जिसमें वो अपनी शासकीय शिक्षिका पत्नी के साथ रहते थे। उनके इस मकान पर उनके सगे भाई विनोद शर्मा की नीयत खराब हो गई। बकौल महेश, पूर्व में उनके भाई ने यह प्रस्ताव रखा था कि इस मकान को वो 8 लाख रुपए में उसे बेच दें, जबकि उसकी कीमत लगभग 25 लाख रुपए है। जब महेश ने उन्हें मकान बेचने से इंकार के दिया, तो फिर उनका भाई विनोद, उसकी पत्नी संतोषी एवं विनोद का साला विवेक शर्मा उनकी जान के दुश्मन बन बैठे।
एसपी को दिए गए शिकायती आवेदन में महेश ने उल्लेख किया है कि बीते 30 अगस्त की रात को जब वो अपने घर पर थे, तभी तीनों ने मिलकर उन पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। उनके घर का सामान तोड़ने के अलावा टॉयलेट का पाइप भी तोड़ दिया। साथ ही भाई की पत्नी ने यह धमकी दी कि हम तुम्हे महिला संबंधी झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवा देंगे। इस धमकी से डर कर महेश अपनी पत्नी को साथ लेकर अपने बेटे मयंक के घर झांसी में जाकर रहने लगे। इस दौरान उन्होंने पिछोर थाने में शिकायत की तो वहां पर भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। आज जब पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने उनकी पीड़ा सुनी तो उन्होंने आश्वासन दिया कि पिछोर पुलिस हस्तक्षेप करके उन्हें न्याय दिलवाएगी।




















