नेता तो मजाक करते ही थे, अब अधिकारियों ने भी शुरू कर दिया, नहीं हुआ शहर मवेशीमुक्त

नेता तो मजाक करते ही थे, अब अधिकारियों ने भी शुरू कर दिया, नहीं हुआ शहर मवेशीमुक्त
महीनों से जनता करती रही राशन न मिलने की शिकायत, कार्यवाही नेताओं की डांट के बाद हुई
शिवपुरी। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था किए ही प्रशासनिक आदेश जारी करके क्यों शहर की जनता के साथ मजाक कर रहे हैं अधिकारी। शिवपुरी की जनता पहले ही नेताओं के सब्जबाग दिखाने वाले सपनों को देख देखकर ऊब चुकी है, और अब रही सही कसर अधिकारी भी पूरी कर रहे हैं।
पिछले महीने में समाचार पत्रों में पढ़ा था कि जिलाधीश ने एक फरमान जारी किया है, जिसमें आवारा मवेशियों से शिवपुरी शहर को मुक्त किया जाएगा। पालतू गौवंश बाजार में कहीं नजर नहीं आएगा, इस खबर पर कुछ लोगों ने यह सोचकर भरोसा किया कि शायद शिवपुरी विजन की शुरुआत कुछ इसी तरह से होने वाली हो, लेकिन हद तो तब हो गई कि शहर के सभी बाजारों के अलावा कलेक्ट्रेट से चंद कदम की दूरियों पर ही मवेशियों के जमघट लग रहे हैं। दिन में तो सड़क पर बैठक करते यह मवेशी नजर आ जाते हैं, लेकिन रात के अंधेरे में जबकि शहर की स्ट्रीट लाइटें बंद होने की वजह से जब यह नजर नहीं आते, तो अक्सर लोग हादसे का शिकार भी हो जाते हैं। अपनी तो साहब को थी सलाह है कि पहले वैकल्पिक व्यवस्था के लिया करें, तब इस तरह के फरमान जारी किया करें। हालांकि अब तो साहब भी कार्यवाही के लिए नेताओं के इशारे का इंतजार करते हैं। पिछले कई महीनों से कोलारस विधानसभा सहित जिले भर के ग्रामीण राशन न मिलने की शिकायत लेकर जनसुनवाई में चक्कर लगा लगाकर परेशान हो चुके थे, लेकिन मजाल है कि किसी पर कोई कार्यवाही साहब ने की हो, परंतु जैसे ही केंद्रीय मंत्री ने नाराजगी जताई तो फिर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी को कारण बताओ नोटिस तथा सेल्समैन की बिना छत की दीवारों पर जेसीबी चलवा कर अपना रुतबा दिखाने का भरपूर प्रयास किया गया। अरे साहब जब गरीब जनता अपना दर्द बताती है, तभी सुनवाई कर लिया करो, तो थोड़ी बहुत फिल्म जनता की नजर में भी बन जाएगी, अन्यथा यह तो सभी जानते हैं कि आका के कहने पर तो काम होना हो है।




















