पुराना कार्यालय सस्ते में बेचने का मामला: पूर्व महामंत्री बोले: पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से की है बात

बोले पूर्व मंडल अध्यक्ष: सभी के चंदे से बना था अधूरा कार्यालय, उनसे बिना पूछे सस्ते में बेचा
शिवपुरी। भारतीय जनता पार्टी का पुराना कार्यालय सस्ते में बेचने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। लगभग 60 लाख रुपए कम रेट में पुराना कार्यालय बेचने से अब जिलाध्यक्ष पर भी आरोप-प्रत्यारोप लगने लगे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि खुद भाजपा के पास ही हैं, फिर भी कम रेट में बेचने से कई तरह के संदेह उत्पन्न हो गए।
भाजपा के पूर्व महामंत्री एवं वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश शर्मा (गुरु) का कहना है कि हम लोग पार्टी के लिए चंदा करते थे, तो एक-एक रुपए का महत्व होता है। इसमें तो लगभग 60 लाख रुपए का घाटा पार्टी को हो रहा है, इतनी बड़ी राशि से तो नए बनने वाले कार्यालय में कई काम हो सकते हैं। ओमी गुरु ने कहा कि पार्टी कार्यालय को बेचने से पहले सभी विधायकों के अलावा उन लोगों से भी चर्चा करना चाहिए थी, जिन्होंने उस कार्यालय को खरीदने में चंदा दिया था।
मैने तो कराई थी रजिस्ट्री: ओमी जैन
भाजपा के जिस पुराने कार्यालय को 60 लाख रुपए कम रेट में बेचा है, उसकी रजिस्ट्री कराने मै ही गया था। कार्यालय के लिए विधायक देवेंद्र जैन सहित पार्टी के कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने भी अपनी हैसियत के मुताबिक चंदा दिया था। उनमें से किसी से भी कोई बात न करके इतने कम रेट में कार्यालय को बेचना पूरी तरह से गलत है। हमारे पास ही अधिक रेट में पुराना कार्यालय खरीदने वाले मौजूद हैं, तो फिर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को किया गया सौदा निरस्त करके अधिक दाम देने वाले को ही बेचना चाहिए।
पार्षद ही लेने को तैयार:
भाजपा के पुराने कार्यालय को खरीदने के लिए पार्टी नेताओं को अधिक दूर भी नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि एक भाजपा पार्षद ही इसे खरीदने को तैयार है। उक्त पार्षद का कहना है कि मेरी जमीन उसके पास ही मौजूद है, जो थ्री साइड ओपन होने से उसका रेट 5 हजार रुपए वर्गफीट लग गया है। पुराने कार्यालय के भी 4500 रुपए वर्गफीट के दाम मिल जाएंगे।




















