56 लाख की स्मैक के आरोप में पकड़ा गया नीलेश, छूट कर आया तो माला पहनाकर लाए सरपंच

56 लाख की स्मैक के आरोप में पकड़ा गया नीलेश, छूट कर आया तो माला पहनाकर लाए सरपंच
दोषमुक्त होकर रिहा होने की चर्चा, थाना प्रभारी बोले: ऐसा हुआ तो निर्णय के विरुद्ध करेंगे अपील
शिवपुरी। आज एक वीडियो सामने आया, जिसमें 56 लाख रुपए कीमत की स्मैक के साथ पुलिस ने पकड़ने का दावा किया, वो जब जेल से छूटकर आया, तो सिरसौद सरपंच उसे माला पहनाने पहुंचे। महत्वपूर्ण बात यह है कि 280 ग्राम स्मैक के साथ नीलेश लोधी को पुलिस ने पकड़ा था, लेकिन वो दोषमुक्त होकर वापस आया। उधर अमोला थाना प्रभारी का कहना है कि यदि ऐसा हुआ है तो हम निर्णय के विरुद्ध अपील करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करेंगे।
ज्ञात रहे कि बीते नवंबर 2025 में सिरसौद निवासी नीलेश लोधी को पुलिस ने 280 ग्राम स्मैक (कीमत 56 लाख रुपए) के साथ पकड़ा था। पिछले लगभग एक साल से नीलेश इस मामले में जेल में बंद था। बीते सोमवार की देर शाम को जेल से छूटकर आया, तथा मंगलवार की सुबह सिरसौद सरपंच अतर सिंह लोधी अपने अन्य समर्थकों के साथ फूल माला लेकर नीलेश का स्वागत करने पहुंचे।
इस पूरे घटनाक्रम पर यदि गौर करें तो कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या अमोला पुलिस ने नीलेश को 280 ग्राम स्मैक के साथ नहीं पकड़ा था?, यदि उसे 56 लाख रुपए कीमत के नशे के साथ पकड़ा गया, तो फिर वो दोषमुक्त कैसे हो गया?। इन सबके बीच जब नीलेश छूटकर आया तो सरपंच को इतना स्वागत सत्कार करने की जरूरत क्या थी?, क्या नशा कारोबारियों के साथ सरपंच के संबंध बेहतर हैं? ।
30 किलो चरस के आरोपी भी हो चुके दोषमुक्त:
शिवपुरी जिले के देहात थाना क्षेत्र में 30 किलो चरस के साथ जिन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा था, वो भी न्यायालय से दोषमुक्त हो चुके हैं। इतनी बड़ी मात्रा में नशा पकड़े जाने के बाद भी आरोपी दोषमुक्त कैसे हो रहे हैं?, यह बड़ा सवाल है। क्योंकि पुलिस किसी को फंसाने के लिए इतनी बड़ी मात्रा में नशे की व्यवस्था कहा से और कैसे करेगी?। क्या न्यायालय में पुलिस या उनके वकील अपना पक्ष उतनी मजबूती से नहीं रख पा रहे, या फिर पुलिस की दस्तावेजी कार्यवाही में आरोपी को बचाने के लिए कुछ पेंच जान बूझकर छोड़े जा रहे हैं, जिस वजह से नशे के बड़े तस्कर दोषमुक्त होकर माला पहन रहे हैं।




















